Song: Daina Hoyon Kholi Ka Ganesh
Album: Hiwali Kanthi
Singer: Narendra Singh Negi
ॐ प्रभात को पर्व जाग, गौ-सरूप पृथ्वी जाग, धरम सरूपी अगा जाग उदंकारी कान्हा जाग,
भानुपंखी गरुड़ जाग, सप्तलोक जाग, इन्द्रलोक जाग, मेघलोक जाग सूर्यलोक जाग, चन्द्रलोक जाग,
तारालोक जाग, पवनलोक जाग, ब्रह्मा का वेद जाग, गौरी का गणेश जाग, हरो हरो संसार जाग, जीव जाग, जीवन जाग !
शीर्ष-समुद्र जाग, खारी समुद्र जाग, दूधी समुद्र जाग, खेराणी समुद्र जाग, घोर समुद्र जाग, अघोर समुद्र जाग, प्रचंड समुद्र जाग, सेतुबंद रामेश्वर जाग
हिंयुं हिंवाल्युं जाग, पाणी प्यालूं जाग, बाला बैजनाथ जाग, धौली देवप्रयाग जाग हरी को हरिद्वार जाग, काशी विश्वनाथ जाग, बूढ़ा केदार जाग, भोला सम्भुनाथ जाग
काली कुमों जाग, चोपड़ा चौथान जाग, खटिंग को लिंग जाग, सोवंती गद्दी जाग
देंणा होंयाँ खोली का गणेसा ऐ, देंणा होंयाँ मोरी का नारेणा हे,
देंणा होंयाँ भूमी का भुम्याला ऐ, देंणा होंयाँ पंचनाम देवा हे,
देंणा होंयाँ नौखोली का नाग ऐ, देंणा होंयाँ नौखंडी नरसिंगा हे,
दैणा होया खोली का गणेशा हे दैणा होया मोरी का नारेणा हे
दैणा होया खोली का गणेशा हे दैणा होया मोरी का नारेणा हे
दैणा होया भूमि का भुम्याला हे दैणा होया पॉँच नाम देवा हे
दैणा होया नौ खोली का नाग हे दैणा होया नौखंडी नरसिंघा हे
About: Dena Hoya Kholi Ka Ganesha He
“Dena Hoya Kholi Ka Ganesha He” is a heart-touching Garhwali devotional song that celebrates the grace and blessings of Lord Ganesha. Its peaceful melody and sincere lyrics create a sense of warmth and devotion, reminding listeners of traditional prayers sung in Uttarakhand’s villages. The song’s spiritual energy, cultural depth, and soothing musical feel make it a favourite for moments of faith, reflection, and inner peace.






