Song: Mohna Teri Murli Baji
Album: Rajuli
Artist: Pritam Bhartwan
Released: 2004
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
अरे बल बिना झेन्दऊ का फल ना भला~,
बिना कथ का पान~,
अर् बिना नैन की तरिया ना भली
बिना मूछ का ज्वान्ं
अर्र बल राम नाम~~~~OOO~~
राम नाम सब कवी जप्दू, रावन नी जप्दू कवी~
अर तेरा भिना सो साट पर मेरि स्यली तवी
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
अहा, मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
अहा बरहा बरस की तपस्या
नारी के जान्दी भंग
सचेय लोग बिचारा माया लगोन्द्न
रौंदा भी उन्नी छन
सचेय कवी धोखा खय जान्दू माया मा
भाग दग्डी क्या कन्न
……………………………..……………………………..……………………………..……………………………..
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
अरे बल बान्दर छडी डाला मा
गुणी चढ़ी तुक्खू मा~
अर एन्शू की कठि कमाई~ लगी तेरा दुख मा
अर बल ईन्द काती मीन्द~~
ओ~ ओ~ आये..
अरे ईन्द काती मीन मीन इन काटी मीन
अरे गाड पार जे की माया
वेक बग्ना का दीना
अर बल गाड पार~~ जे की~ माया
गाड पार जे की माया वेक बग्ना का दीना
अरे बल बग्ना का दीना
अहा,
सरिला को क्वीलो बनिगेय फिको पड़ी गेय रंग
अहा, मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
सचेय लोग बिचारा माया लगोन्द्न
रौंदा भी उन्नी छन
सचेय कवी धोखा खय जान्दू माया मा
भाग दग्दी क्या कन्न
……………………………..……………………………..……………………………..……………………………..
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
अरे अगेला की आग आग
अगेला की आग झिल्मिली आग
अरे अदनू की माया इन्नी जन्नू अलोनू साग
अरे अदनू की~~~~
होहो~~ हाँ~ हंय~
अदनू की माया इन्नी जन्नू अलोनू साग
अरे बल हंसी रेणू बांटि खणु
धरती पिचाडी केंन नी लानू
अरे बोल्यों संन्यो~~~~
हाँ बोल्यों संन्यो याद रालू
जू फन्द्दू दयालू वू उंदौ पालू
अरे जू फन्द्दू दयालू वू उंदौ पालू
दबेय, तू मेरी जोगीना मैं
तेरौ भगाता चौडी ना मरो संग
अहा, मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
अहा बरहा बरस की तपस्या
नारी के जान्दी भंग
सचेय लोग बिचारा माया लगोन्द्न
रौंदा भी उन्नी छन
……………………………..……………………………..……………………………..……………………………..
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
वार ये सर्जुग पार ये पँवारा
अरे भूली जोलू दांत चोका
पर नी होलु अन्वारा
अरे भूली जोलू~~~~~ ओ~ ओ~ हाँ~ हंय~
भूली जोलू दांत चोका
नी होलु अन्वारा
अरे कन्नेय बिन्गुलू क्तवे क्या जान्लू
सार!
अरे शकल दुन्या घूमी
कवी नी तेरा चारा
कवी नी तेरा चारा
दबेय बंजा पडी ये ज्वनी उच्यद्या
खानी दीनी उमंग
ओहो मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
सचेय लोग बिचारा माया लगोन्द्न
रौंदा भी उन्नी छन
सचेय कवी धोखा खय जान्दू माया मा
भाग दग्दी क्या कन्न
……………………………..……………………………..……………………………..……………………………..
हाँ~~ हना~~हाँ~~ आएं~~
अरे भाई लप्प लप्पी तोंण तोंण
लप्प लप्पी तोंण
अरे तेरी मेरि माया गेल्या छुयलों खाऊंण
बल अन्धेरा की मार~~~~
अन्धेरा की मार
अन्धेरा की मार
खबर ना सार
अरे हे लत्यली इन्न त क्याल कार
हे लत्यली इन्न त क्याल कार
अरे जेकी सान्ची माया होंदी
स्वी होंदू पार
हाँ स्वी होंदू पार
दबेय तू मेरि सुकन्दा हे मेरि होसिया
चौडी ना मेरु संग
अहा, मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
अहा बरहा बरस की तपस्या
नारी के जान्दी भंग
सचेय लोग बिचारा माया लगोन्द्न
रौंदा भी उन्नी छन
ओहो कवी धोखा खय जान्दू माया मा
भाग दग्दी क्या कन्न
सचेय , मोहना तेरी मुरली बाजी
बेय ढोल बजो का संग,
ओहो बरहा बरस की तपस्या
नारी के जान्दी भंग
About: Mohna Teri Murli Baji (Pritam Bhartwan)
Mohana Teri Murli Baaji is a timeless Garhwali folk song sung by the legendary Pritam Bhartwan from the album Rajuli (2004). Known for his powerful voice and deep connection to Uttarakhand’s cultural roots, the song beautifully reflects devotion and traditional mountain melodies. Its soulful tune and simple lyrics have made it popular among Garhwali music lovers, keeping the region’s rich folk heritage alive across generations.
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