Artist: Pritam Bhartwan, Meena Rana
Released: 2002
Album: Suruli (Meru Jiya Lagige)

आहा! सरुली मेरु जिया लगी गे ..

तेरी रौत्याली मुखडी मा ..

ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..

पहुची तेरी कुमो गढ़ मा …

ओहो! सरुली मेरु जिया लगी गे ..

तेरी रौत्याली मुखडी मा ..

अहा तेरी रौत्याली मुखडी मा ..

हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..

तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..

अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..

कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा …

हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..

तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..

अहा तेरी नो सुर्य मुरूली मा ..

 

अहा स्वाणु तेरी चौन्ठी कु तिल ..

हस्दु गलानो माँ दिखेंदा तिल ..

अहा स्वाणु तेरी चौन्ठी कु तिल ..

हस्दु गलानो माँ दिखेंदा तिल ..

तेरी आंखी घेल करंदी ..

गिची चुप रे भी छुई लगान्दी ..

मुखडी मा ..

 

ओ मुखडी मा जा पाक मारे दयो ..

मर्या मिट जो पातूली वन्ठुरियो मा ..

आहा! सरुली मेरु जिया लगी गे ..

तेरी रौत्याली मुखडी मा ..

ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..

पहुची तेरी कुमो गढ़ मा …

हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..

तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..

अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..

कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा …l

 

हो मेन सोची त्वे बुलेयी द्योऊ ..

ओ दुरु धारू ल कुमो ल्यो ऊ ..

हो मेन सोची त्वे भेटेयी  द्योऊ ..

दुरु धारू ल कुमो ल्यो ऊ ..

बसुली  मा जब गतार यनु च 

देखा त से तब यफ कनु च .

ओ कनु होलू ..ओ कनु होलू

कख होलू बिचारु ..

काखी दूर यकुली ब्यकुली मा ..

हे सुम्याल मेरु जिया लगी गे  ..

तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..

अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..

कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा …l

 

ओ सरुली …

 

ओ मेन हिवेली डाडू छोड्याली ..

तेरी बेली सिरोंणु धेर्याली ..

मेन हिवेली दांन्दू छोड्याली ..

तेरी बेली मा सिरोंणु धेर्याली ..

अब तो कुछ न कुछ कन ही पोडालो ..

माया लेली तो तभी बचोलू ..

 

अजो मेरी …

अजो मेरी इखरी माया च ..

तेरी जिया सी दान्तार्यु मा ..

आहा 

सरुली मेरु जिया लगी गे ..

तेरी रौत्याली मुखडी मा ..

ओहो हक़ बक सी रे ग्यो ओ ..

पहुची तेरी कुमो गढ़ मा …

हे सुम्याल मेरु जिया लगी रे ..

तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..

अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..

कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा …l



ओ दान्द्यु बासुल्यो का दिन ऐना

ओ दान्द्यु बासुल्यो का दिन ऐन

ओ इनी फूलो पे खुदेना मेना

ग्वेर छोरोवो का घसेरियो का गीत

इन में कन कवी की कोई न करी प्रीत

ओ त्वे बिगर ..ओ त्वे बिगर अधूरी छो ..

जनि रालि न हो घंद्युली मा ..

हे सुम्याल मेरु जिया लगी गे  ..

तेरी नोसुर्य मुरूली मा ..

अहा आंखी अटकलि दिन तवे ..

कन्दुडी लगी रेंडी बसूली मा …l

About: Saruli Meru Jiya Lagige (Pritam Bhartwan – Meena Rana)

“Saruli Meru Jiya Lagige” is a melodious Garhwali song sung by folk legends Pritam Bhartwan and Meena Rana. The song beautifully expresses tender emotions, love, and the gentle charm of Uttarakhand’s hills. Its soothing rhythm and heartfelt lyrics create a deep emotional connection, reminding listeners of pure mountain romance. The magical blend of both singers’ voices makes this track truly timeless and unforgettable.

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